चंडीगढ़, 3 अगस्तः
पूरे क्षेत्र में टमाटर की कीमतों में चिंताजनक वृद्धि के चलते पंजाब के राज्यपाल और यू.टी. चंडीगढ़ के प्रशासक ने व्यक्तिगत स्तर पर इस स्थिति से निपटने के लिए एक सराहनीय कदम उठाया है। आज, राज्यपाल ने बढ़ती खाद्य कीमतों के प्रभाव का सामना कर रहे राज्य के नागरिकों के साथ एकजुटता दिखाते हुए राजभवन में टमाटर के उपयोग को अस्थायी रूप से रोकने का आदेश जारी किया।
पिछले कुछ हफ्तों से, राज्य और केंद्रशासित प्रदेश के लोग टमाटर की कीमत में अभूतपूर्व वृद्धि से जूझ रहे हैं, जो राज्य भर के कई घरों में भोजन का मुख्य हिस्सा है। इस मूल्य वृद्धि के पीछे कई कारण हैं जिनमें आपूर्ति श्रृंखला व्यवधान, जलवायु परिवर्तन और बाजार के उतार-चढ़ाव की गतिविधियां शामिल हैं।
इस स्थिति में आम नागरिकों पर पड़ने वाले बोझ को समझते हुए, राज्यपाल ने टमाटर की बढ़ती कीमतों के कारण जनता को होने वाली कठिनाइयों के प्रति अपनी चिंता और सहानुभूति व्यक्त की है। अपने आवास में टमाटर के उपयोग को त्यागकर, राज्यपाल का लक्ष्य इस चुनौतीपूर्ण समय में सहानुभूति, मितव्ययिता और संसाधनों के जिम्मेदारी भरे उपयोग के महत्व को दर्शाना है।
गवर्नर ने कहा, ‘‘किसी वस्तु की खपत रोकने या कम करने से उसकी कीमत पर असर पड़ना तय है; मांग कम होने से कीमत अपने आप कम हो जाएगी। मुझे उम्मीद है कि लोग फिलहाल अपने घरों में टमाटर के अन्य विकल्पों का उपयोग करेंगे और टमाटर की कीमतों में वृद्धि को कम करने में मदद करेंगे।’’
राजभवन में टमाटर का उपयोग न करना राज्यपाल द्वारा की गई एक अनुकरणीय पहल है, यह सभी नागरिकों को संसाधनों का बुद्धिमानी से उपयोग करने और चुनौतीपूर्ण समय के दौरान एकजुट होने की याद दिलाता है।



