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विश्व मानव रुहानी केंद्र पंजाब के बाढ़-पीड़ितों की सहायता के लिए हुआ सक्रिय

संस्था की सेवक टीमें दुर्गम क्षेत्रों में राहत सामग्री, राशन के पैकेट, तेल-साबुन, दवाइयाँ, हाइजीन किटें पहुँचाने और मेडिकल कैंपों के माध्यम से मरीजों की सेवा सुश्रुषा में जुटीं1

चण्डीगढ़, 4 सितंबर
संत बलजीत सिंह जी की प्रेरणा से, विश्व मानव रुहानी केंद्र, चण्डीगढ़ इस समय पंजाब के बाढ़-पीड़ितों की सहायता के लिए ग्राउंड ज़ीरो पर सक्रिय है। इस बार पंजाब के कई क्षेत्र, जो बाढ़ के पानी से पूरी तरह कट चुके हैं और जहाँ पहुँचना भी बेहद कठिन है, वहाँ भी केंद्र की सेवक टीमें दिन-रात पहुँच रही हैं।

राहत सामग्री, दवाइयाँ, हाइजीन किटें और मेडिकल कैंपों के माध्यम से लगातार सहायता दी जा रही है।अमृतसर, गुरदासपुर और कपूरथला ज़िलों के प्रभावित गाँव अवाण, रमदास, दीनानगर, सुल्तानपुर लोधी आदि में राशन के पैकेट, तेल-साबुन सहित हाइजीन किटें वितरित की गईं और एंबुलेंसों द्वारा गाँव-गाँव जाकर मरीजों तक दवाइयाँ पहुँचाई गईं। गाँवों के बुजुर्गों और स्थानीय लोगों ने संत बलजीत सिंह जी के प्रति हृदय से गहरी कृतज्ञता व्यक्त की। यह उल्लेखनीय है कि अजनाला तहसील के एसडीएम ने विश्व मानव रूहानी केंद्र को गुरुद्वारा समाधां बाबा बुद्धा साहिब के बाहर 24 घंटे चलने वाला मेडिकल कैंप लगाने की ज़िम्मेदारी सौंपी, जिसे तुरंत चालू कर दिया गया है। इस कैंप से एंबुलेंस और मोटर नावों के माध्यम से रावी नदी से सटे गाँवों में डॉक्टर दवाइयाँ और चिकित्सीय सहायता पहुँचा रहे हैं।

यह भी उल्लेखनीय है कि विश्व मानव रूहानी केंद्र ने अतीत में भी सराहनीय सेवाएँ की हैं। भूकंप और बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं के समय राहत कार्यों में, तथा महाकुंभ और धार्मिक यात्राओं, जैसे अमरनाथ यात्रा, मणिमहेश यात्रा और आदि कैलाश यात्रा के अवसर पर मेडिकल कैंप और लंगर सेवाओं का आयोजन कर केंद्र ने अद्वितीय योगदान दिया है।

प्रत्येक वर्ष नवरात्रि उत्सव और सत्संग का भी आयोजन किया जाता है। आज विश्व मानव रूहानी केंद्र के केंद्र न केवल पूरे भारत में हैं, बल्कि अनेक देशों में भी फैले हुए हैं। यह संस्था एक चैरिटेबल सोसाइटी के रूप में पूरे विश्व में सेवा कर रही है, चाहे वह यूक्रेन युद्ध हो, कोविड महामारी हो या अन्य मानवीय संकट। ये सभी सेवाएँ केवल और केवल संत बलजीत सिंह जी की प्रेरणा से संभव हुई हैं।

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